मुंबई के दिलो मे राज कर रहे हैं मुंबई ग्लोबल के राजकुमार तिवारी

30 Oct 2018 14:13:23 pm

व्यक्ति नहीं व्यक्तित्व के इस कालम में आज हम आपको 
रूबरू करा रहे हैं मुंबई की इस कर्मशील कर्मठ शक्सियत से जिन्होने अपने जज्बे से बनाया है एक अलग मुकाम राजकुमार तिवारी संपादक, मुंबई ग्लोबल साप्ताहिक पत्र (हिन्दी व अंग्रेजी), मुंबई

कौन कहता है, आसमां में सुराख नहीं हो सकता,
एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो।

राजकुमार तिवारी भी ऐसे ही एक जुनूनी इंसान का नाम है। राजकुमार ने आसमान में सुराख भले न की हो, पर, पत्थर तो उछाल ही दिया। टाटा नगर से उम्मीदों का बंडल लेकर कामयाबी के सपनों को मूर्त रूप देने पहुंच गए युवा राजकुमार माया नगरी मुंबई। मुंबई की ज़िंदगी आसान नहीं होती। किन्तु, इस्पात की नगरी टाटा नगर .. जमशेदपुर में पले बढ़े इस नौजवान को परेशानियों ने हताश नहीं, मजबूत किया।
 सन् 1997 में मुंबई पधारे राजकुमार तिवारी 1999 आते आते फिल्मकार सुनील दर्शन के प्रोडक्शन हाऊस का हिस्सा बन गए।  "जानवर", "एक रिश्ता - द बॉन्ड ऑफ लव" और  "हाँ, मैैंंनेे भी प्यार किया" तक उनके साथ रहे।
आरंभ से ही सामाजिक सरोकारों से जुड़ा यह उद्यमी युवक कुछ अलग कर गुजरने की धुुन में लगा रहता था। बस 2007 मेें समाज सेवा के निमित्त एक स्वयंसेवी संस्था का गठन किया - "श्रीमती सरस्वती कामेेेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट"। कई शिविरों का संचालन किया।लेकिन, ये मंज़िल नहीं थी।
 खुद्दार राजकुमार ने आय सुनिश्चित करने के लिए डिजाइनिंग का काम भी शुरू कर दिया।
 पब्लिसिटी के इस युग में अपनी योजनाओं/ उपलब्धियों को आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रकाशन क्षेत्र में भी 
प्रवेश करने का निर्णय ले लिया।
 सन् 2010 आते आते राजकुमार तिवारी ने एक साप्ताहिक पत्र शुरू कर दिया - "मुंबई ग्लोबल"। हिन्दी में शुरू हुआ यह अखबार अब अंग्रेजी में भी प्रकाशित होता है।
 "मुंबई ग्लोबल" की लोकप्रियता ने सम्मान समारोह के आयोजन की ओर ध्यान दिलाया। और शुरू हो गया - "मुंबई ग्लोबल अवार्ड"। इसमें फिल्म, टीवी, रंगमंच के अतिरिक्त समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी और समर्पित लोगों को प्रदान किया जाता है। यह आयोजन का चौथा वर्ष है।
आगे "मुंबई ग्लोबल क्लब" बनाने की योजना है।
 आर.के.ने  "यंग पावर" शीर्षक से एक टेलीविजन सीरिज भी शुरू की थी, जो कुछ कारणवश प्रक्षेपित नहीं हो सका। इसमें पुराने स्टार प्रदीप कुमार और रेमो फर्नांडिस ने अभिनय किया था। ये आज के स्टार कोरियोग्राफर रेमो ही थे, जिसने पहली बार कैमरा फेस किया था।
   सुदर्शन कद काठी के मितभाषी, विनम्र और सहृदय राजकुमार तिवारी युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं।

Report 
Savita Rana Bhaarati

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